गड़चिरौली में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई; अहेरी में 35 हेक्टेयर वनभूमि अतिक्रमण से मुक्त
अहेरी (गड़चिरौली) : उमेश गझलपेल्लीवार
गड़चिरौली जिले के अहेरी वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने मंगलवार को बड़ी और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए लगभग 30 से 35 हेक्टेयर आरक्षित वनभूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया। पुलिस और राजस्व विभाग के सहयोग से चलाए गए इस संयुक्त अभियान के बाद वनभूमि को दोबारा वन विभाग के कब्जे में लिया गया।
जानकारी के अनुसार, ताणबोडी गांव के समीप स्थित आरक्षित वन क्षेत्र में करीब पांच से छह माह पूर्व बड़े पैमाने पर नया अतिक्रमण किया गया था। इससे पहले जब वन विभाग ने अतिक्रमण हटाने का प्रयास किया था, तब वनकर्मियों पर हमला भी किया गया था। इसी पृष्ठभूमि को देखते हुए इस बार विभाग ने पूरी तैयारी, भारी पुलिस बंदोबस्त और आधुनिक संसाधनों के साथ अभियान चलाया।
चार जेसीबी मशीनों की मदद से अतिक्रमित क्षेत्र की सीमाएं निर्धारित कर अवैध कब्जों को हटाया गया और पूरी भूमि को मुक्त कराया गया। यह अभियान मुख्य वन संरक्षक (क्षेत्रीय) गजेंद्र नरवणे के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ, जबकि सहायक वन संरक्षक शिशुपाल पवार ने पूरी कार्रवाई का समन्वय किया।
अभियान में अहेरी, पेरमिली और आलापल्ली वन परिक्षेत्रों के लगभग 150 अधिकारी और कर्मचारी शामिल रहे। इस दौरान वन परिक्षेत्र अधिकारी नारायण इंगळे (अहेरी), चौके (पेरमिली) तथा गौरव गणवीर (आलापल्ली) मौके पर उपस्थित रहे और कार्रवाई की निगरानी की।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस निरीक्षक हर्षल एकरे के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात किया गया था। वहीं नायब तहसीलदार प्रतीक आढाव ने राजस्व विभाग की ओर से आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया।
कार्रवाई के बाद अहेरी के वन परिक्षेत्र अधिकारी नारायण इंगळे ने नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय सहयोग की अपील की। उन्होंने “पेड़ लगाओ, पेड़ बचाओ” का संदेश देते हुए जंगलों और वन संपदा की रक्षा के लिए आगे आने का आह्वान किया।
वनभूमि पर अवैध अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन की इस सख्त कार्रवाई की पूरे क्षेत्र में चर्चा हो रही है। पर्यावरण संरक्षण और वन संपदा बचाने की दिशा में उठाए गए इस ठोस कदम की नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है।
