श्रावण के प्रथम शनिवार पर सिरोंचा के प्राणहिता नदी घाट पर उमड़ा आस्था का महासैलाब
हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान कर भगवान शिव का किया जलाभिषेक, “हर-हर महादेव” के जयघोष से गूंज उठा पूरा घाट
सिरोंचा :– सुरेश तिपट्टीवार
श्रावण मास के प्रथम शनिवार के पावन अवसर पर गडचिरोली जिले के सिरोंचा स्थित पवित्र प्राणहिता नदी घाट पर श्रद्धा, भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों श्रद्धालु दूर-दराज़ के गांवों से घाट पर पहुंचे और पवित्र स्नान कर भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक एवं विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
श्रावण मास को भगवान शिव की आराधना का सबसे पवित्र समय माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस माह में पवित्र नदी में स्नान कर भगवान शिव को जल, बेलपत्र, धतूरा, पुष्प एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित करने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं तथा परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी अटूट आस्था के कारण प्राणहिता नदी घाट श्रद्धालुओं से खचाखच भरा नजर आया।
घाट पर महिलाओं, पुरुषों, युवाओं और बच्चों ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ पवित्र स्नान किया। स्नान के पश्चात श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की खुशहाली, संतान की उन्नति, अच्छे स्वास्थ्य और जीवन में सुख-समृद्धि की कामना की। पूरे घाट पर “हर-हर महादेव”, “बम-बम भोले” और “ॐ नमः शिवाय” के जयघोष लगातार गूंजते रहे, जिससे संपूर्ण वातावरण शिवमय और भक्तिमय बन गया।
श्रद्धालुओं ने नारियल, फूल, बेलपत्र, धूप, दीप, अगरबत्ती तथा अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। कई परिवारों ने नदी तट पर पारंपरिक विधि-विधान से विशेष पूजा कर भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। घाट पर भक्ति, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनूठा दृश्य देखने को मिला।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन एवं पुलिस विभाग ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। घाट पर पुलिस कर्मी लगातार तैनात रहे और श्रद्धालुओं की सुरक्षा तथा यातायात व्यवस्था पर सतर्क निगरानी रखी गई, जिससे पूरा आयोजन शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।
स्थानीय लोगों के अनुसार श्रावण मास के प्रत्येक शनिवार और सोमवार को प्राणहिता नदी घाट पर श्रद्धालुओं की संख्या और बढ़ने की संभावना है। वर्षों से यह घाट धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र रहा है, जहां दूर-दूर से श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना के लिए पहुंचते हैं।
श्रावण के प्रथम शनिवार पर सिरोंचा का प्राणहिता नदी घाट श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर दिखाई दिया। भगवान भोलेनाथ की आराधना में लीन हजारों श्रद्धालुओं ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया और प्राणहिता नदी का तट शिवभक्ति के रंग में रंगा नजर आया।
